कुछ तो हमारी भाईगिरी के अंदाज़ से जल जाते हैं।
दोस्ती की मिसाल पर लिखी गहरी दोस्ती शायरी
सब रिश्तों से प्यारी है दोस्ती तुम्हारी,
“दोस्त आदाब नहीं, पहले कॉफी फिर असलियत।”
हम तुझको खुदा का दिया हुआ ताबीज़ मानते हैं।
उस दिन समझ आ गया ज़िन्दगी क्या होती है।
कभी फुर्सत मिले तो पढ़ना किताब रिश्तों की,
दिल से दिल मिलते हैं, बस Dosti Shayari यहीं दोस्ती होती।
वरना दोस्ती भी मोहब्बत से कम नहीं होती
हमने आपके लिए दोस्ती शायरी दो लाइन का एक बेहतरीन संग्रह साझा किया है। ये याद रखने में आसान और भेजने के लिए एकदम सही हैं।
न थी दुश्मनी किसी से, तेरी दोस्ती से पहले
“पुरानी दोस्ती की खुशबू, आज भी दिल में महकती।”
क्योंकि तू ही तो है मेरी खुशियों की वजह।
खुदा क़सम ऐसे दोस्तों पे हम दिलो-जा से मरते है